उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की मा. उपाध्यक्ष, श्रीमती सुषमा सिंह ने आयोग में विभिन्न माध्यमों से जनपद अम्बेडकरनगर, कासगंज, कानपुर नगर एवं मऊ के प्राप्त 04 गम्भीर श्रेणी के शिकायती प्रार्थना पत्रों का स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर रिपोर्ट तलब की एवं घटना पर खेद प्रकट किया गया, साथ ही निर्देशित किया कि दोषियों के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही कर सूचना का सम्पूर्ण विवरण एवं कृत कार्यवाही की अद्यतन आख्या से 24 घण्टे में उपलब्ध करायें।
मा. उपाध्यक्ष, श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा घटना को शर्मनाक एवं निंदनीय बताकर नाराजगी प्रकट की गयी है व कहा गया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद कोई पक्षपात नही होना चाहिये। विवेचना ईमानदारी से हो और पीडि़ता को इन्साफ मिले, साथ ही महिला सशक्तिकरण को लेकर चलाये जा रहे मिशन शक्ति को और प्रभावी बनाकर व्यापक कार्यवाही की बात कही। प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं का आयोग में किसी भी माध्यम से संज्ञान में आने पर उ.प्र राज्य महिला आयोग द्वारा संबंधित जनपद से तत्काल पत्र भेजकर सक्षम अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर त्वरित कार्यवाही कर पीडि़ता एवं पीडि़त परिवार को तत्काल न्याय दिलाये जाने का कार्य किया जाता है। महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा दिलाये जाने हेतु उ.प्र. राज्य महिला आयोग निरन्तर प्रयासरत है।
मा. उपाध्यक्ष, श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा कहा गया कि प्रदेश सरकार की महिलाओं एवं बालिकाओं के लिये संचालित योजनाओं को जमीनी स्तर पर गांव-गांव तक पहॅुचाने हेतु आयोग निरन्तर प्रयासरत है। प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम हेतु एवं प्रभावी कार्यवाही करने के दिशा-निर्देश निरन्तर जारी किये जाने के उपरान्त भी ऐसी घटनाओ का संज्ञान में आना अत्यन्त खेदजनक बताया।