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गोण्डा के करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला में सजी अदालत, सुनाई गई फांसी की सजा; 30 फीट ऊंचे तख्ते पर सजीव मंचन देख दंग रह गए दर्शक

 

करनैलगंज, गोण्डा (वीरेन्द्र कुमार,संवाददाता): करनैलगंज की ऐतिहासिक रामलीला में धार्मिक आस्था और परंपरा के साथ सामाजिक संदेश देने वाली अनूठी लीला का मंचन किया गया। रामलीला परिसर में पुलिस थाना बनाया गया, अदालत सजी, गवाहों की भूमिका निभाई गई और वकीलों के बीच बहस हुई। इसके बाद न्यायाधीश ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। सबसे खास आकर्षण करीब 30 फीट ऊंचे फांसी के तख्ते पर सजा देने का सजीव मंचन रहा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जुटे रहे।

रामलीला में काबुल से आए एक व्यापारी की कहानी के माध्यम से अपराध, पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया। मंचन के अनुसार, हीरे-जवाहरात और सोने-चांदी के आभूषणों का व्यापार करने पहुंचे व्यापारी के बेटे की बदमाश हत्या कर देते हैं और कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते हैं। घटना के बाद व्यापारी रामलीला कमेटी की ओर से बनाए गए पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराता है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस की भूमिका निभा रहे कलाकार कार्रवाई करते हुए आरोपी को लूटे गए सामान के साथ गिरफ्तार करते हैं और उसे अदालत में पेश करते हैं। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई शुरू होती है। अदालत में गवाहों के बयान, दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें और न्यायाधीश की भूमिका में कलाकार का फैसला दर्शकों के सामने पेश किया जाता है। अंत में आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई जाती है। इसके बाद लगभग 30 फीट ऊंचे फांसी के तख्ते पर सजा का सजीव मंचन किया जाता है।

इस पूरी प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रामलीला में दिखाई गई पुलिस की कार्रवाई से लेकर अदालत के फैसले तक की प्रक्रिया ने आयोजन को खास बना दिया। दर्शकों ने इस अनूठी लीला के माध्यम से अपराध और उसके परिणामों को करीब से देखने का अनुभव किया।

रामलीला कमेटी की इस प्रस्तुति के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि कानून और न्याय का महत्व सर्वोपरि है। अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, उसके लिए न्यायिक प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय होना जरूरी है। करनैलगंज की यह ऐतिहासिक रामलीला धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन के साथ-साथ सामाजिक विषयों को मंच के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।