गोरखपुर (DNM NETWORK): शारदीय नवरात्र के नवमी पर्व पर सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कन्याओं और बटुकों के पांव पखारकर उनका पूजन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद 251 कन्याओं और बटुकों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच कन्या पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र की नवमी तिथि पर मां दुर्गा के स्वरूप में कन्याओं का पूजन किया। परंपरा के अनुसार उन्होंने कन्याओं और बटुकों के पांव पखारे, उनके माथे पर तिलक लगाया और विधिवत पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद सभी कन्याओं और बटुकों को आदरपूर्वक भोजन कराया गया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धाभाव से इस धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया।
सनातन धर्म में नवरात्र के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कन्याओं में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का वास होता है। नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन, पांव पखारने, तिलक लगाने और भोजन कराने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने कन्याओं और बटुकों का पूजन कर उन्हें भोजन कराया।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों का वातावरण रहा। मुख्यमंत्री ने कन्याओं और बटुकों को भोजन कराने के साथ उनके मंगलमय जीवन की कामना की। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के बाद नवमी पर होने वाला कन्या पूजन शक्ति स्वरूपा मां के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर की परंपराओं से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में कन्या पूजन का विशेष स्थान है। 251 कन्याओं और बटुकों को भोजन कराने के साथ संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने नवरात्र के समापन अवसर पर मंदिर की धार्मिक परंपरा को प्रमुखता से रेखांकित किया।



