लखनऊ/गोंडा (अमित श्रीवास्तव ,विशेष संवाददाता ):उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गोंडा जिले की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है। कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर ब्राह्मण नेता और कटरा बाजार ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है।गुरुवार 15 अक्टूबर को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें माला पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। इस दौरान पूरे सभागार में उनके समर्थकों ने “जय भवानी, जय अखिलेश” के नारे लगाए। फोटो में अखिलेश यादव खुद उन्हें फूलों की बड़ी माला पहनाते नजर आ रहे हैं।
केवल अकेले नहीं, 5 बेटों की पूरी फौज के साथ आए
भवानी भीख शुक्ला अकेले सपा में नहीं आए हैं। उनके साथ उनके पांच बेटे भी सपा में शामिल हुए हैं, जो गोंडा में उनकी राजनीतिक ताकत माने जाते हैं।
1. भगवान शुक्ला
2. कृष्ण भगवान शुक्ला
3. शिव शंकर शुक्ला
4. कृष्ण शुक्ला
5. शंकर भगवान शुक्ला
बताया जा रहा है कि ये पांचों ही अपने-अपने क्षेत्र में पंचायत स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं।
कौन हैं भवानी भीख शुक्ला? – पूरा इतिहास
भवानी भीख शुक्ला गोंडा के कटरा बाजार के सबसे बड़े ब्राह्मण चेहरों में से एक हैं। पिछले 15 साल से कटरा बाजार ब्लॉक की राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती है।
– वे लगातार कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि रहे हैं, जबकि ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर उनके परिवार का ही कब्जा रहा है।
– उन्हें पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी माना जाता है। बृजभूषण के कैसरगंज क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है।
– पंचायत चुनाव और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वे भाजपा के लिए रणनीतिकार की भूमिका निभाते थे।
भाजपा विधायक बावन सिंह से क्यों हुआ विवाद? – असली कहानी
भवानी भीख शुक्ला का कटरा बाजार के मौजूदा भाजपा विधायक बावन सिंह से पिछले एक साल से खुला विवाद चल रहा था।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2025 में कटरा ब्लॉक परिसर में आयोजित GST धन्यवाद सभा और RSS के कार्यक्रम के दौरान विधायक और ब्लॉक प्रमुख समर्थकों के बीच जमकर हंगामा और पथराव हो गया था, जिसमें 35 लोग घायल हुए थे।
विधायक बावन सिंह ने आरोप लगाया था कि भवानी भीख शुक्ला सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए विवाद कर रहे हैं और वे सपा से विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया था कि भवानी भीख शुक्ला तीन बार शिवपाल यादव से मिल चुके हैं।
वहीं भवानी भीख शुक्ला ने विधायक पर ब्लॉक के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। इसी विवाद के बाद से वे भाजपा से नाराज चल रहे थे।
सपा में शामिल होने का क्या मतलब है?
1. ब्राह्मण वोट पर असर: कटरा बाजार विधानसभा में लगभग 60 हजार ब्राह्मण वोट हैं, जिस पर भवानी भीख शुक्ला की सीधी पकड़ मानी जाती है।
2. बृजभूषण खेमे में सेंध: बृजभूषण सिंह के करीबी के सपा में जाने से गोंडा-बलरामपुर-बहराइच बेल्ट में भाजपा को झटका माना जा रहा है।
3. 2027 की तैयारी: कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा उन्हें कटरा बाजार से 2027 विधानसभा का प्रत्याशी बना सकती है।
उनके साथ और कौन-कौन सपा में आया?
भवानी भीख शुक्ला के साथ गुरुवार को कई अन्य जिलों के नेता भी सपा में शामिल हुए। इनमें खुर्जा से नरेश प्रताप जाटव, पूर्व विधायक राजीव चन्ना, बसपा से विजय तिवारी, भाजपा से मनोज सिंह सैनी, सीतापुर से आशीष प्रताप सिंह, बुलंदशहर से लक्ष्मण सैनी और रिटायर्ड PPS ऑफिसर महेंद्र कुमार का नाम शामिल है।




