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Lucknow : रक्षामंत्री राजनाथ*सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना, राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले बयान पर भी किया पलटवार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए ‘रेजीम चेंज’ की भाषा और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल ज्ञानेश कुमार या SIR का विरोध करना नहीं, बल्कि देश में सत्ता परिवर्तन करना है। उनके इस बयान से राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें—
🔹 सत्ता परिवर्तन को लेकर आरोप: राजनाथ सिंह ने दावा किया कि विपक्ष बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना उसके एजेंडे का हिस्सा है।

🔹 लोकतंत्र और विरोध का अधिकार: उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन अराजकता स्वीकार्य नहीं है।

🔹 राहुल गांधी पर निशाना: रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्ष युवाओं को अराजकता की ओर धकेल रहे हैं।

🔹 कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल: राजनाथ सिंह ने 1975 की इमरजेंसी, 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए इन्हें कांग्रेस शासनकाल के तीन अक्षम्य अपराध बताया।

🔹 ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया: राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर राजनाथ सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि यह दिवाली का पटाखा भी नहीं निकला।

🔹 रायबरेली सीट पर सवाल: उन्होंने राहुल गांधी की रायबरेली सीट को लेकर सवाल उठाया कि क्या वह समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना यह सीट जीत सकते हैं

🔹 संवाद की अपील: राजनाथ सिंह ने कहा कि देश को टकराव नहीं, बल्कि संवाद की जरूरत है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उठा सवाल

मीडिया ने राजनाथ सिंह से सवाल किया कि कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटना से जुड़े व्यक्ति को पद्म पुरस्कार क्यों दिया गया? इस पर उन्होंने जवाब दिया,
“उसके कई कारण थे।” इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त हो गई।