उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद मीरजापुर में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ चैत्र नवरात्रि मेले की तैयारियों तथा जनपद के विकास कार्यां की समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नवरात्रि व रामनवमी पर्व पर सभी मन्दिरों में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था की जाए। मेला क्षेत्र में सामान्य नागरिकों के साथ ही महिलाआें की सुरक्षा के बेहतर प्रबन्ध किए जाएं। सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगवाए जाएं। पुलिस कर्मियों द्वारा श्रद्धालुआें के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यात्रियां की सुविधा के दृष्टिगत मन्दिरों, घाटों एवं सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। गर्मी के दृष्टिगत शुद्ध पेयजल और आवश्यकतानुसार मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाए। स्नान घाटों पर पर्याप्त बैरीकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। मेला क्षेत्र सहित सम्पूर्ण मीरजापुर नगर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाया जाए। मन्दिर मार्गां की मरम्मत आदि सभी कार्य ससमय पूर्ण कराए जाएं। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाए। दुकानों में श्रद्धालुआें के सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गंगा किनारे एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, गोताखोर व जल पुलिस की तैनाती की जाए। नाविकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करायी जाए। सुरक्षा कार्यां में स्वंयसेवी संगठनों एवं सिविल डिफेन्स के सदस्यों का सहयोग लिया जाए। वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पार्किंग चिन्हित करते समय ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को अधिक दूरी तक पैदल न चलना पड़े। पार्किंग स्थल पर वाहनों की सुरक्षा के साथ शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी रहे। सभी ई-रिक्शा व आटो का सत्यापन कराते हुए यथासम्भव उनके चालकों को आई0डी0 कार्ड जारी किये जाएं। बस स्टेशनां, रेलवे स्टेशनों, रैन बसेरां व प्रमुख स्थानों पर जन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य शिविरां में चिकित्सकों, दवाईयों, एम्बुलेंस आदि की समुचित व्यवस्था रहे।
मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यां की समीक्षा के दौरान कहा कि विकास योजनाओं एवं निमार्णाधीन परियोजनाओं हेतु प्राप्त धनराशि का समय से सदुपयोग करते हुए कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं तय समय में पूरे कराए जाएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण प्राथमिकता पर कराया जाए। फार्मर रजिस्ट्री को शत प्रतिशत पूर्ण करने के साथ चकबन्दी के कार्य में समय-सीमा तय करते हुए कार्यां को निस्तारित किया जाए तथा कार्य में अनावश्यक विलम्ब करने वाले कार्मिकों की जबावदेही भी तय की जाए। निराश्रित गौ आश्रय स्थलों में सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित हों।
मुख्यमंत्री जी ने जल जीवन मिशन ग्रामीण व शहरी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्तिम घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। मरम्मत कार्य हेतु प्लम्बरों को प्रशिक्षित भी कराएं। परियोजना हैण्डओवर के समय से 10 वर्ष तक ठेकेदारों के द्वारा मरम्मत के लिए एग्रीमेंट किया गया है, यदि किसी के द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो कार्यवाही सुनिश्चित करें। पेयजल योजनाआें के सत्यापन के लिए सम्बन्धित अधिकारी अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के साथ जाकर कार्यां का सत्यापन करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों एवं उद्यमियों के साथ नियमित संवाद करें तथा समस्याओं का निराकरण करें। इससे स्थानीय स्तर पर बहुत सी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। एन0आर0एल0एम0 द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय करते हुए उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। जनपद में आने वाले निवेशकों के लिए समय से भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उद्यम स्थापित होने से युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक जनपद में 100 एकड़ भूमि में सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन स्थापित किये जाने हैं। इसके लिए जिलाधिकारी भूमि चिहिन्त कर शासन को अवगत कराएं। इन जोन की स्थापना से युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गौ-तस्करी व गौकशी करने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद भ्रमण के दौरान आदि शक्ति माँ विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर में दर्शन पूजन किया और सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। तत्पश्चात उन्होंने माँ विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण भी किया।




