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मुख्यमंत्री ने जनपद चित्रकूट में 951 करोड़ रु0 लागत की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जनपद चित्रकूट भारत की पौराणिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का सर्वाधिक समय चित्रकूट में व्यतीत किया था। इसी धरा पर महर्षि वाल्मीकि ने अपना आश्रम बनाया तथा संत तुलसी दास जी ने जन्म लिया था। श्रद्धालुजन कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा कर पुण्य के भागीदार बनते हैं। यहां माँ मन्दाकिनी की कृपा प्राप्त होती है। गुप्त गोदावरी, सती अनुसूइया आश्रम सहित अन्य आध्यात्मिक केन्द्र अपनी ऊर्जा से जनपद व प्रदेश को लाभान्वित करते हैं। हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीराम ने यहां पर साधना की थी, जिसके फलस्वरूप सम्पूर्ण भारत सुरक्षित हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद चित्रकूट में 951 करोड़ रुपये लागत की 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। यह परियोजनाएँ विधान सभा चित्रकूट एवं मानिकपुर के विकास से सम्बन्धित हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक एवं प्रशस्ति पत्र, स्मार्ट फोन तथा आवास की प्रतीकात्मक चाभी वितरण किया। इस अवसर पर जनपद के विकास कार्यां से सम्बन्धित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने चित्रकूट में प्रभु श्रीराम के प्रति जो योगदान दिया था, उसके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए आज जनपद में 950 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया जा रहा है। जनपद चित्रकूट ने प्रभु श्रीराम के संकट के समय आश्रय प्रदान किया था। महर्षि वाल्मीकि की आज्ञा से प्रभु श्रीराम चित्रकूट आये। लगभग 12 वर्ष प्रभु श्रीराम ने यहां व्यतीत किये। यहां कोल, वनवासियों, ऋषि-मुनियों के साथ 12 वर्ष व्यतीत करने के उपरान्त प्रभु श्रीराम ने दक्षिण की ओर रुख किया था। यहीं से दण्डकारण वन में प्रवेश किया तथा पंचवटी में माता सीता का अपहरण हो गया था। प्रभु श्रीराम ने सेतु बन्ध का निर्माण कर लंका पर चढ़ायी की थी। रामायण की यह गाथा आज हम सभी को प्रेरणा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के विकसित चित्रकूट में दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करने की सामर्थ्य है। यह सामर्थ्य पहले भी सम्भव थी, लेकिन पिछली सरकारों ने चित्रकूट के समक्ष पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। आजादी के बाद यह जनपद उपेक्षित हो गया था। वर्ष 2017 से पूर्व यहां अव्यवस्था की स्थिति थी। लोग भय के कारण नहीं आते थे। परिवहन की व्यवस्था नहीं थी। महर्षि वाल्मीकि का आश्रम अव्यवस्थित था। राजापुर में कोई विकास कार्य नहीं हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज चित्रकूट विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रदेश सरकार मंदाकिनी नदी, चित्रकूट के पवित्र स्थलों, महर्षि वाल्मीकि और सन्त तुलसीदास जी की जन्मभूमि का सौन्दर्यीकरण करा रही है। चित्रकूट की ऊंची पहाड़ी पर एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। शीघ्र ही इस जनपद को वायुसेवा के माध्यम से दिल्ली और लखनऊ से जोड़ा जाएगा। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बुन्देलखण्ड की लाइफ-लाइन बनी है। भरतकूप से आगे का निर्माण कार्य भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद में डिफेन्स कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। शीघ्र ही यहां पर बड़े निवेश किये जाएंगे। आज डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एक ताकत है। कल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने इण्डोनेशिया के साथ जो समझौते किये हैं, उसमें उत्तर प्रदेश में बनने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का भी निर्यात किया जाएगा। यह भारत की डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उदाहरण है। यह भारत की निर्यात की ताकत को दर्शाता है। रक्षा सेनाओं के पास देश में ही बने अस्त्र-शस्त्र होंगे। ‘शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते’ अर्थात शस्त्र से रक्षित राष्ट्र में ही शास्त्र चिन्तन सम्भव है। शस्त्र और शास्त्र दोनों के संधान का केन्द्र चित्रकूट बनेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चित्रकूट स्थित जगतगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। अब यह विश्वविद्यालय विकास की गति को बढ़ाएगा। अब चित्रकूट में वह सब कुछ है, जिसका हजारों वर्षों से इन्तजार था। डॉ0 राम मनोहर लोहिया के कारण कभी चित्रकूट और प्रदेश के तमाम अन्य भागों में रामायण मेलों का शुभारम्भ हुआ था। पूर्ववर्ती सरकार ने रामायण मेले से दूरी बना ली थी। भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भी उनकी आस्था नहीं थी। वह सनातन व विरासत का सम्मान नहीं करते थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ के भाव के साथ कार्य कर रही है। आज विकास प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं तथा प्रत्येक तबके के व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। प्रत्येक पात्र को निःशुल्क राशन, आवास, शौचालय, निःशुल्क विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस तथा आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर की सुविधा प्रदान की जा रही है। अन्नदाता किसानों को फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। यह पहले नहीं मिलता था। आज अन्नदाता किसानों की उपज का क्रय किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर करने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास के कार्यां को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। बिना भेदभाव 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गयी है। आज जब कोई भर्ती निकलती है, तो उसमें चित्रकूट के युवा का भी सिलेक्शन होता है। अब यहां का वातावरण निवेश अनुकूल है। यहां 04-लेन की सड़कें हैं। आज एक सुन्दर चित्रकूट हम सभी देखने को मिल रहा है।