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मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 20.35 करोड़ रु0 की लागत से चिलुआताल के पर्यटन विकास तथा सौन्दर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद गोरखपुर में 20.35 करोड़ रुपये की लागत से चिलुआताल के पर्यटन विकास तथा सौन्दर्यीकरण एवं विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल एवं सौन्दर्यीकरण किये गये घाट का निरीक्षण तथा स्टॉलों का अवलोकन एवं वृक्षारोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने झील के चारों ओर वृहद वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज गोरखपुर के नागरिकों और उनके घरों में आने वाले अतिथियों के लिए पर्यटन की एक सुन्दर व नई जगह उपलब्ध हो रही है। अब तक गोरखपुर में ईकोटूरिज्म का एकमात्र केन्द्र रामगढ़ ताल था। रामगढ़ताल का जल नेचुरल है, लेकिन शहर का ड्रेनेज भी उसमें जाता था। रामगढ़ताल की सफाई की गई। उसको डिसिल्ट किया गया। आज भी उसके जल का ट्रीटमेन्ट किया जाता है, लेकिन रामगढ़ताल का जल विशुद्ध नेचुरल नहीं हो पाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज चिलुआताल के पहले फेज का कार्य सम्पन्न हो रहा है। इसका जल प्राकृतिक है। यह जंगलों से आता है। हमने इस वॉटर बॉडी को वर्ष 2021 में विकसित करना प्रारम्भ किया था। इसे डिसिल्ट किया गया। फर्टिलाइजर कारखाने के लिए जो भी पानी लगता है, उस जल की आपूर्ति यहीं से होती है। आज इस नए ताल केे सौन्दर्यीकरण के पहले फेज के कार्याें का लोकार्पण हुआ है। यह बहुत प्रसन्नता की बात है। पिछली सरकारों में ताल और पोखरों पर कब्जा होता था, उन्हें नष्ट किया जाता था। यह क्षेत्र गंदगी और अपराध का गढ़ बन जाते थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार ताल और पोखरों पर कब्जा नहीं, बल्कि उनका संरक्षण करती है और प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करती है। उन्हंे पर्यटन के एक बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में उसे विकसित करके आम नागरिकों, पर्यटकों तथा कलाकारों के लिए एक मंच उपलब्ध करवाती है। यही दृश्य आज यहां चिलुआताल में भी देखने को मिल रहा है।
विगत दिनों हमने रामगढ़ताल में वॉटर स्पोर्ट्स की नेशनल जूनियर रोइंग प्रतियोगिता के आयोजन को सम्पन्न होते देखा है। लगभग एक सप्ताह तक यह प्रतियोगिता चली थी। इसमें 22 राज्यों के 243 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। इसे देखने बड़ी संख्या में लोग आए थे। हर व्यक्ति रामगढ़ताल की तारीफ कर रहा था। वॉटर स्पोर्ट्स की व्यापक सम्भावना रामगढ़ताल के साथ-साथ चिलुआताल में भी मौजूद है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब अच्छी सरकारें आती हैं, तो अच्छे कार्य होते हैं।  रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। यहां चिलुआताल के आस-पास दुकानें खुल गई हैं। परिवार के साथ आकर लोग यहां पर आनन्द से घूम सकते हैं, स्वास्थ्य का लाभ ले सकते हैं। यहां किसी प्रकार की अव्यवस्था और प्रदूषण नहीं है। शहर का तापमान इस समय लगभग 40 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच होगा। जबकि यहां का तापमान उसकी तुलना में बहुत कम है। इस झील के कारण ठण्डी हवा तापमान को कम कर दे रही है। हम एक नेचुरल प्रक्रिया के साथ जुड़कर आनन्दित महसूस कर रहे हैं। सिटी डेवलपमेन्ट प्लान से शहर ऐसे ही अपना स्वरूप बदलते हैं। हमारे बारे में लोगों के मन में अच्छी धारणा यहीं से प्रारम्भ होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब हमारे शहर केवल स्मार्ट नहीं है, बल्कि अब हम उन्हें सेफ सिटी और सस्टेनेबल सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं। विकास की सारी प्रक्रिया स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ रही है। यहां का फर्टिलाइजर कारखाना आज से 6 वर्ष पहले बन्द था। इसकी सारी गतिविधियां वर्ष 1990 से ही बन्द थी। अब फर्टिलाइजर कारखाना संचालित है, यहां एस0एस0बी0 भी तैनात है और प्रदेश का एक सैनिक स्कूल भी संचालित है। एक केन्द्रीय विद्यालय भी इसी कैम्पस में है। केन्द्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए भी हमने धनराशि स्वीकृत कर दी है। एक ही कैम्पस में इतनी सारी गतिविधियां एक साथ उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अभी तो चिलुआताल के पहले फेज का काम हुआ है। अभी इसके विकास की बहुत सारी सम्भावनाओं के साथ हमें आगे बढ़ना है। आज हमारे प्रयास मूर्तरूप ले रहे हैं। इसके बाद अन्य फेज में रामगढ़ताल की तर्ज पर ही अच्छा स्वरूप देकर गोरखपुर के एक बेहतरीन ईकोटूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेंगे। इसे वॉटर स्पोर्ट्स का केन्द्र बनाएंगे। हम यहां कोल इण्डिया के साथ मिलकर 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लाण्ट भी स्थापित कर रहे हैं। गोरखपुर की पूरी सिटी को बिजली की आपूर्ति यहां के सोलर प्लाण्ट से उपलब्ध हो सकती है। थर्मल पावर प्लाण्ट कार्बन का उत्सर्जन करते हैं, प्रकृति को कुछ नुकसान भी पहुंचाते हैं। लेकिन सूर्य की रोशनी से बनने वाली ऊर्जा में कार्बन उत्सर्जन नहीं होता है। यह नेचुरल, ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी है। हमारा लक्ष्य नेट जीरो का लक्ष्य है। हमें कार्बन उत्सर्जन को शून्य  तक पहुंचाना है, जिससे प्रकृति में होने वाले परिवर्तन को रोका जा सकें। यह सोलर पावर प्लाण्ट इस दिशा में किए जाने वाले प्रयास का एक एक हिस्सा है। हम नगर में सतत् विकास की प्रक्रिया को इसी प्रकार आगे बढ़ाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार सहयोग कर सकती है, लेकिन शहरवासियों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा और शहर के विकास को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग देना होगा। शहर को गंदगी व प्लास्टिक मुक्त स्वच्छ शहर बनाने में अपना योगदान देना होगा। रामगढ़ताल में सरकार द्वारा जो विकास कार्य कराये जा रहे है, उसमें स्वयंसेवी संस्थानों द्वारा तथा सी0एस0आर0 के माध्यम से बहुत सारे कार्य किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यो को आगे बढ़ाने में सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहां किसी प्रकार की गन्दगी न करंे, बल्कि शहर को स्वच्छ सिटी बनाने में अपना सहयोग दें। गन्दगी से इन स्थलों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है। जब हम सभी गन्दगी/प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छता से युक्त, हरा-भरा, सेफ, स्मार्ट सस्टनेबल गोरखपुर के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ेंगे, तो गोरखपुर के विकास की यात्रा एक नये गोरखपुर के रूप में देखने को मिलेगी। यह सतत् विकास आने वाली पीढ़ियों को गौरव के साथ जीने के अवसर देगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 05 जून से 21 जून के बीच प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 12 वर्ष के सफल कार्यकाल के दृष्टिगत एक विशेष अभियान प्रारम्भ हुआ है। 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस तथा 21 जून को विश्व योग दिवस है। मुख्यमंत्री जी ने महानगरवासियों, स्वयं सेवी संगठन, सामाजिक संगठन तथा जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि 05 जून को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वह सभी चिलुआताल व रामगढ़ताल के चारों ओर व्या