प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जनपद प्रयागराज भ्रमण के दौरान महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालगृह परिसर-खुल्दाबाद पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं, सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा अंतःवासियों के साथ संवाद किया। उन्होंने राजकीय बालगृह (बालिका) की बालिकाओं द्वारा बनाए गए टीचिंग लर्निंग मैटेरियल और आर्ट एंड क्राफ्ट मैटेरियल, टाइप ऑफ हाउसेस, एआई हेल्थ केयर मॉडल का अवलोकन करते हुए स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करते हैं की भी जानकारी बालिकाओं से ली। उन्होंने राजकीय बालिका गृह में आवासित बच्चियों से संवाद करते हुए वहां पर उन्हें दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम पाक कला, योग प्रशिक्षण, बागवानी प्रशिक्षण, सिलाई-कढ़ाई एवं क्राफ्ट प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि आगे बढ़ना है, तो शिक्षा, ज्ञान व प्रशिक्षण प्राप्त करना ही होगा, इसलिए आप सभी पूरे मनोयोग के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करें। उन्होंने उनके द्वारा बनाई गई क्राफ्ट सामग्री, कपड़े से बनाए गए साज-सज्जा के सामानों के स्टॉल का अवलोकन किया, तत्पश्चात उन्होंने किचन व स्टोर का भी निरीक्षण किया।
राज्यपाल जी ने बालिकाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने हेतु मार्गदर्शन दिया और उन्हें स्वच्छता अपनाने, विचारों में सकारात्मकता लाने तथा पोषण युक्त भोजन करने के साथ नियमित दिनचर्या का पालन करने के लिए कहा। उन्होंने पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को मिष्ठान व स्वच्छता किट का वितरण किया। उन्होंने शिक्षण कक्ष का निरीक्षण किया तथा कक्ष में उपस्थित बच्चों से संवाद करते हुए उनके पठन-पाठन के बारे में शिक्षिकाओं से जानकारी प्राप्त की तथा उन्होंने बच्चों से प्रश्न भी पूछे, जिसका उत्तर बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक दिया गया।
उन्होंने शिशु कक्ष (0-1 वर्ष) का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कुल 12 शिशु थे, जिनके चिकित्सा, टीकाकरण, देखभाल व उनके पोषण के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा उनकी देखभाल में लगी आयाओं को नवजात शिशुओं हेतु सेरेलैक दूध का वितरण भी किया। उन्होंने बच्चों को मिष्ठान व फल का वितरण भी किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा संगीतमय ध्वनि के साथ स्वागत गीत तथा गायत्री मंत्र का गायन किया गया।
राज्यपाल जी ने परिसर में स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) के किशोरों से संवाद करते हुए कहा, ‘‘अच्छा पढ़ो, अच्छा करो और अच्छा बनो’’। उन्होंने प्रतिदिन की दिनचर्या, किए गए कार्यों तथा विचारों को डायरी में प्रतिदिन अंकित करने, नियमित रूप से योग, मेडिटेशन, साफ-सफाई, सभी कार्यों को स्वयं करना, पेंटिंग, स्पोर्ट्स एवं शैक्षिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने तथा अनुशासित दिनचर्या के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वहां पर बनाई गई लाइब्रेरी में जाकर ज्ञानवर्धक पुस्तकों, महापुरुषों एवं वैज्ञानिकों के विचारों को जानने तथा लाइब्रेरी में पढ़े गए विषय की समरी रिपोर्ट भी बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आत्म अवलोकन करें कि आप किस क्षेत्र में ज्यादा बेहतर कर सकते हैं तथा आगे भी अपनी रुचि के अनुसार उसी दिशा में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें।
राज्यपाल जी ने वहां पर स्मार्ट क्लास व कम्प्यूटर की उपलब्धता की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि स्मार्ट क्लास बनाए जाने तथा 8 कम्प्यूटर लगाए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिस पर राज्यपाल महोदया ने किशोरों की संख्या के अनुसार वहां पर 20 कम्प्यूटर की व्यवस्था कराए जाने तथा लाइब्रेरी में और विभिन्न विषयों की अधिक पुस्तकें रखवाए जाने, अखबार को नियमित रूप से मंगाए जाने की व्यवस्था कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने वहां के संरक्षक से किशोरों के बीच स्पोर्ट्स, म्यूजिक, योग सहित अन्य गतिविधियों में समय-समय पर प्रतियोगिता आयोजित कराए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में अच्छा करने वाले किशोरों को उसी क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया जाय। उन्होंने सभी किशोरों को दृढ़ संकल्प के साथ पिछली गलतियों को भुलाते हुए परिश्रम करने तथा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा।



