उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने वाराणसी भ्रमण के अवसर पर एक उच्चस्तरीय बैठक में जनपद के विकास कार्यों की प्रगति एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने दालमण्डी सड़क चौड़ीकरण हेतु भूमि अधिग्रहण कार्यों को शीघ्रता से किए जाने तथा सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने एवं न्यायालय में इससे सम्बन्धित लम्बित मामलों की उचित पैरवी कर शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में बाढ़ बचाव से सम्बन्धित कार्यों हेतु जनप्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए उनके सुझावों को प्रस्तावों में शामिल करें। उन्होंने वरुणा नदी पुनरुद्धार हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नाविकों से लगातार संवाद बढ़ाये जाने पर जोर दिया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि घाट श्रद्धालुओं के लिए है। यह पवित्र स्थल है। यहां किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन तथा अराजकता स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नोडल अधिकारी हर कार्य की मॉनिटरिंग करें तथा यदि किसी भी स्तर पर बाधा परिलक्षित होती है, तो उसका अविलम्ब निस्तारण कराए, जिससे कार्य की अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सीवरेज तथा पेयजल परियोजनाओं के सुचारु संचालन हेतु नगर निगम तथा जल निगम सतत् निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को हर हालत में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़कों पर अनावश्यक जाम रोकने हेतु वेण्डिंग जोन बनाए जाएं। अवैध टैक्सी, बस तथा रिक्शा स्टैण्ड का संचालन किसी भी दशा में नहीं होना चाहिए। उपयुक्त स्थान पर रिक्शों तथा ठेलों की पार्किंग की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर कोई भी वाहन खड़ा न हो। मॉल में बनी पार्किंग का उपयोग वाहनों की पार्किंग के लिए सुनिश्चित किया जाए। ठण्ड के दृष्टिगत पर्याप्त रैन बसेरे संचालित हों तथा इनमें पर्याप्त संख्या में कम्बल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। नगर निगम एवं विकास प्राधिकरण नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम तथा अन्य कार्यदायी संस्थाएं जनप्रतिनिधियों से अपनी विकास परियोजनाओं का अवलोकन कराएं। उन्होंने माघ मेले के दृष्टिगत विशेष तैयारियां किए जाने तथा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों का समय से तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पुलिस, होमगार्ड्स समेत अन्य बलों को अपनी कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि पर्यटकां एवं आमजन के प्रति उनका व्यवहार सहयोगी होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने किसी भी अनैतिक गतिविधि के संचालन पर सख्ती से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साइबर थाने तथा हेल्पडेस्क सक्रिय रहें, जिससे साइबर अपराधों पर अंकुश रहे। अवैध कब्जा करने वाले माफियाओं, पेशेवर गुण्डों, चेन स्नेचरों को पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। माघ मेले तथा आगामी पर्वों के दृष्टिगत समुचित तैयारियां रखें। सभी विभाग काशी की वैश्विक छवि को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने हेतु लगातार प्रयासरत रहें।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी को जनपद में निर्माणाधीन विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गयी। यह अवगत कराया गया कि वर्ष 2014 से वर्ष 2025 तक 35,155 करोड़ रुपये लागत के कुल 486 प्रोजेक्ट्स पूर्ण किए गए हैं। वर्तमान में 17,915 करोड़ रुपये लागत के कुल 128 प्रोजेक्ट्स गतिमान हैं, जिसमें 5,812 करोड़ रुपये लागत से सड़क व पुल के 24 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। मुख्यमंत्री जी को कानून व्यवस्था, गौतस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, साइबर अपराध समेत यातायात व्यवस्था के बारे में भी अवगत कराया गया।
बैठक में स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रवीन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ’दयालु’ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।





