लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ ही देश भर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। व्हाट्सएप पर मिली इस धमकी के बाद लखनऊ के मड़ियांव थाना में केस भी दर्ज किया गया है। लखनऊ की पुलिस के साथ अन्य एजेंसियां इस प्रकरण की पड़ताल में जुट गई हैं।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लखनऊ तथा उन्नाव के कार्यालय के साथ ही देश के अन्य राज्यों में चार कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी व्हाट्सएप ग्रुप पर मिली है। धमकी मिलने के बाद लखनऊ के मड़ियांव थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह धमकी देने वाले लोगों के बार में जानकारी की जा रही है। यह धमकी सोमवार रात बजे व्हाट्सएप के माध्यम से मिली है। अल अंसारी इमाम रजी उन मेंहदी नाम का एक व्हाट्सएप पर कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में यह धमकी दी गई है। माना जा रहा है कि अल इमाम अंसार रजी उन मेंहदी नाम के ग्रुप में एक आरएसएस कार्यकर्ता इनवाइट लिंक के जरिए जुड़ गया। इसके बाद उसको यह मैसेज मिला है। धमकी भरा मैसेज सेक्टर क्यू अलीगंज निवासी प्रोफेसर नीलकंठ पुजारी को वाट्सएप पर भेजा गया था। प्रोफेसर ने मड़ियांव कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई है। आरएसएस कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी की जानकारी मिलने के बाद लखनऊ पुलिस हरकत में आई और लखनऊ के अलीगंज सेक्टर क्यू के सरस्वती विद्या मंदिर पर जांच की। इसके साथ ही आरएसएस के अवध प्रांत के घोष प्रमुख, प्रोफेसर नीलकंठ तिवारी की तहरीर पर लखनऊ के मड़ियांव थाने में केस दर्ज कराया गया। पुलिस संदेश भेजने वाले की तलाश के लिए साइबर क्राइम सेल व क्राइम ब्रांच की मदद ले रही है।
आरोप है कि धमकी भरा मैसेज भेजने वाले ने लिखा कि तुम मेरे ग्रुप में शामिल हो जाओ। सुलतानपुर में तैनात प्रोफेसर ने इसका कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद रात में आठ बजे बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मैसेज में कनार्टक के कुछ धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात लिखी है। तहरीर पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर का कहना है कि किसी संगठन को धमकी नहीं दी गई है। जिस नंबर से मैसेज आया, उसके बारे में पता लगाया जा रहा है।


