Breaking बाराबंकी

Barabanki : पति ने 3 बेटियों संग घर से निकाला, आज बाराबंकी की मिसाल बनी सकीना बानो

बाराबंकी (अमित श्रीवास्तव,विशेष संवाददाता): बाराबंकी के नूरपुर गांव की एक महिला ने हिम्मत और हौसले की ऐसी मिसाल पेश की है जो पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पति ने तीन बेटियों के साथ घर से निकाल दिया, ससुराल से एक रुपया तक नहीं मिला, लेकिन आज वही महिला 2 ई-रिक्शा और 1 कार की मालकिन है और महीने के 30 हजार रुपये कमा रही है। देखिए ये प्रेरणादायक रिपोर्ट।

तस्वीरों में दिख रही ये महिला हैं बाराबंकी के नूरपुर गांव की रहने वाली सकीना बानो। सकीना के जीवन में एक वक्त ऐसा आया जब पति ने उन्हें तीन छोटी-छोटी बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। सिर पर छत नहीं थी, ससुराल वालों ने कोई खर्चा नहीं दिया। तब सकीना अपनी बेटियों को लेकर अपने भाई के घर आ गईं।

सकीना मे कहा पति ने निकाल दिया था… ससुराल से कोई खर्चा नहीं मिलता… भाई के घर आकर रहने लगे हम अपने 3 बच्चियों के साथ भाई लोग ने भी मेरा साथ दिया

लेकिन सकीना ने किस्मत के आगे घुटने नहीं टेके। साल 2018 में वो स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और समूह सखी बन गईं। 2021 में समूह से डेढ़ लाख रुपये का लोन लेकर उन्होंने अपना पहला ई-रिक्शा खरीदा। जब आधा लोन चुका तो हिम्मत बढ़ी और दूसरा ई-रिक्शा भी ले लिया। इसके बाद भाइयों के सहयोग से और 4 लाख रुपये के लोन से एक कार खरीदी जिसे ओला में लगा दिया।

पहला ई-रिक्शा 2021 में लिया… डेढ़ लाख का लोन… फिर दूसरा लिया… कार ली और ओला में लगाई…

आज सकीना के पास खुद की 2 ई-रिक्शा और एक कार है। वो रोजाना ई-रिक्शा चलाती हैं, उनकी बेटियां भी उनका हाथ बंटाती हैं। सकीना की महीने की कमाई 21 हजार से 30 हजार रुपये है। इसी कमाई से वो अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और अपनी तीनों बेटियों को पढ़ा रही हैं। कभी ताना मारने वाले लोग आज सकीना को लखपति दीदी कहकर सम्मान देते हैं।

सकीना ने कहा जो भी कर रहे हैं समूह के जरिए कर रहे हैं… सरकार और मोदी योगी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद…

सच ही कहा गया है, हौसला हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं। सकीना बानो की ये कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो हालात से हार मान लेती हैं।