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Gorakhpur: मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन, विरासत गलियारा तथा राप्तीनगर में सी0एम0 ग्रिड योजना के तहत निर्मित स्मार्ट सड़क का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद गोरखपुर में निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन, धर्मशाला से पाण्डेयहाता तक सड़क चौड़ीकरण की निर्माणाधीन परियोजना विरासत गलियारा तथा राप्तीनगर में सी0एम0 ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट) योजना के तहत निर्मित स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया।मुख्यमंत्री जी ने निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि गोड़धोइया नाला परियोजना के तहत पूर्व निर्धारित सभी कार्य आगामी मार्च माह तक अवश्य पूर्ण करा लिए जाएं। उन्हांने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के उत्तरी छोर के लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। उन्हांने गोरखपुर-पिपराइच मार्ग पर संत हुसैन नगर के समीप गोड़धोइया नाले पर स्थित जर्जर पुल के स्थान पर नया पुल बनाने के भी निर्देश दिए।
ज्ञातव्य है कि उपेक्षा, गन्दगी और अतिक्रमण के कारण गोड़धोइया नाला विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गया था। मुख्यमंत्री जी ने इसके जीर्णाद्धार के लिए पक्का नाला निर्माण, डायवर्जन, इण्टरसेप्शन और ट्रीटमेंट की परियोजना बनवाई। इस परियोजना की लागत 474.42 करोड़ रुपये है।
गोड़धोइया नाले के निरीक्षण के उपरान्त मुख्यमंत्री जी ने धर्मशाला से पाण्डेयहाता तक सड़क चौड़ीकरण की निर्माणाधीन परियोजना विरासत गलियारा का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य में और तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में अवरोधक हटाने के सभी कार्य आगामी 15 जनवरी से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं। उल्लेखनीय है कि 3.5 कि0मी0 लम्बे विरासत गलियारा की लागत 555.56 करोड़ रुपये है और इसे अप्रैल, 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री जी ने सी0एम0 ग्रिड योजना के तहत राप्तीनगर में बनी स्मार्ट सड़क के निरीक्षण के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत में कहा कि यह स्मार्ट सड़क एक मॉडल सड़क है। इस स्मार्ट सड़क में स्टॉर्म वॉटर मैनेजमेंट के साथ ही यूटिलिटी डक्ट भी बनाया गया है। इससे पाइपलाइन डालने के लिए बार-बार सड़क की खुदाई नहीं करनी पड़ेगी। यूटिलिटी डक्ट का उपयोग जिन संस्थाओं द्वारा अपने कार्य के लिए पाइपलाइन (बिजली, गैस आदि) डालने के लिए किया जाएगा, वे नगर निगम को इसके लिए किराया देंगी। इस प्रकार यूटिलिटी डक्ट नगर निगम के लिए निश्चित आय का आधार भी बनेगा। इससे नगर निकायों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सामूहिक प्रयास के अच्छे परिणाम सामने आते हैं। जब सबका सहयोग मिलता है तो महानगर, जनपद और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छूता है। गोरखपुर में विकास इसी रूप में देखने को मिल रहा है।
ज्ञातव्य है कि सी0एम0 ग्रिड योजना के तहत निर्मित यह स्मार्ट सड़क नगर निगम को 02 करोड़ रुपये वार्षिक की आय अर्जित कराने में सफल होगी। पहले चरण में यह स्मार्ट सड़क पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बनी है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।