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Hamirpur : एक साल में उखड़ गईं लाखों की आरसीसी सड़कें,नौहाई में विकास नहीं भ्रष्टाचार की खुली पोल

हमीरपुर ( रामसिंह राजपूत,संवाददाता ): रामसिंह राजपूत,यूपी के हमीरपुर जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला पंचायत हमीरपुर द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई ब्लॉक राठ क्षेत्र की तीन आरसीसी सड़कें एक साल के भीतर ही जर्जर हो गई हैं। सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं, गहरी दरारें पड़ गई हैं और कई स्थानों पर धंस गई हैं। हालत ऐसी है कि इन्हें देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इनका निर्माण अभी पिछले वर्ष ही कराया गया था। अब ग्रामीण सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ये तस्वीरें राठ विकासखंड के नौहाई गांव और औड़ेरा-सैदपुर मार्ग की हैं। यहां (1)औड़ेरा-सैदपुर मुख्य मार्ग से रामस्वरूप मास्टर के फार्म हाउस तक, (2)कालका देवी मंदिर से स्वामीदीन अहिरवार के घर तक तथा (3) हरिजन बस्ती से औड़ेरा-सैदपुर पुलिया तक आरसीसी सड़क निर्माण कार्य कराया गया था। शिलालेखों के अनुसार ये सड़कें केंद्रीय वित्त आयोग एवं जिला निधि योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 में बनाई गई थीं। लेकिन निर्माण के महज कुछ महीनों बाद ही इन सड़कों की परतें उखड़ने लगीं। अब हालात यह हैं कि जगह-जगह गिट्टी बाहर आ चुकी है, सड़कों में चौड़ी दरारें पड़ गई हैं और कई हिस्सों में सड़क धंस गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की चौड़ाई कम कर न रोक लगाई गई और निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई है और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें एक साल भी नहीं टिक सकीं।

ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, तब गुणवत्ता की जांच करने वाले अधिकारी आखिर कहां थे? यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप हुआ था, तो फिर एक साल के भीतर सड़कें खंडहर जैसी क्यों दिखाई देने लगीं? और यदि जांच की गई तो क्या ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सरकारी धन की बर्बादी और घटिया निर्माण का सिलसिला नहीं रुकेगा।

फिलहाल लाखों रुपये की लागत से बनी इन सड़कों की बदहाल तस्वीरें विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना होगा कि जिला पंचायत हमीरपुर और प्रशासन इन आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।