

यूपी सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं. इसमें कई महत्वपूर्ण पदों पर नई तैनाती दी गई है. तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को एडीजी सुरक्षा के पद से हटाकर लखनऊ पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है.. गाबा मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं. तरुण गाबा शुरुआती दौर में केंद्र में तैनात रहे और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से यूपी कैडर में 2020 में लौटे थे. सीबीआई में भी तरुण गाबा तैनात थे और आईपीएस राकेश अस्थाना के केस में इनको भी इंचार्ज बनाया गया था. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद आईजी (विजिलेंस) का पद तरुण गाबा को दिया गया था. साल 2020 में उत्तर प्रदेश में बढ़ते क्राइम ग्राफ की वजह से सरकार विपक्ष के आरोपों को झेल रही थी कि इसी बीच योगी सरकार ने एक्शन लेते हुए गृह सचिव एसके भगत को हटाकर तरुण गाबा को गृह सचिव का पद दिया था. 2020 से पहले तरुण गाबा, आईजी विजिलेंस के पद को संभाल चुके हैं. तरुण गाबा जून २०२४ में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर भी रह चुके है तरुण गाबा अब तक वे यूपी में सात जिलों के पुलिस प्रमुख रह चुके हैं. तीन सालों तक गवर्नर के एडीसी और सात साल तक सीबीआई में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. सीबीआई में रहते हुए उन्होंने चर्चित व्यापम घोटाले की जांच में अहम भूमिका निभाई थी. इसके साथ ही वह सूबे में गृह सचिव और लखनऊ में आईजी रेंज के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
बहराल ऐसा माना जा रहा है तरुण गाबा के लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर बनने के बाद रूटीन प्लानिंग के साथ ही विवेचना की गुणवत्ता और मजबूत होगी . इसके साथ ही सरकार की मंशा के मुताबिक कई सख्त कदम उठाये जाएंगे इसके साथ ही कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई रुख अपनाया जायेगा



