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मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

लखनऊ ( DNM NETWORK) : मुख्य सचिव  एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने 21 जून को प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि लगभग 3.5 करोड़ अभ्यर्थियों की सहभागिता को देखते हुए परीक्षा के आयोजन में पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एन.टी.ए. के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाएं तथा परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जाए।
उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख चौराहों एवं परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पर्याप्त पुलिस एवं यातायात बल की व्यवस्था की जाए।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएं। उन्होंने ई-केवाईसी में नाम असंगति की समस्या के समाधान हेतु डाटा करेक्शन पोर्टल विकसित करने तथा आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं सहित छूटे हुए पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उनके कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एवं मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) इस योजना की नियमित सघनता से समीक्षा करें तथा प्रतिदिन बनने वाले कार्डों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कौशल विकास, उद्यमिता एवं औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में “सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र” विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर, एमएसएमई औद्योगिक प्लॉट, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर, रोजगार भवन, जिला उद्योग केंद्र, हेल्थ सेंटर, फायर स्टेशन, प्लग एंड प्ले सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक अधोसंरचनाएं विकसित की जाएंगी।
इसके लिए प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोनों में विभाजित किया गया है। जोन 1 में गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, जोन-2 में बुलन्शहर, बागपत, मेरठ जिला एवं सहारनपुर मण्डल, जोन 3 में मुरादाबाद एवं बरेली मण्डल, जोन 4 में आगरा एवं अलीगढ़ मण्डल, जोन 5 लखनऊ एवं अयोध्या मण्डल, जोन 6 में कानपुर एवं प्रयागराज मण्डल, जोन 7 में वाराणसी, विंध्याचल और आजमगढ़ मण्डल, जोन 8 में झांसी एवं चित्रकूट मण्डल, जोन 9 में गोरखपुर, बस्ती एवं देवीपाटन मण्डल को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को 50 से 100 एकड़ तक उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कर एमएसएमई विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निवेश मित्र पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं की समयबद्ध एवं डिजिटल डिलीवरी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण रिपोर्टों के समयबद्ध अपलोड, जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) में हेल्पडेस्क की स्थापना, निवेशकों की शिकायतों के त्वरित समाधान तथा स्टार्टअप सेल स्थापित कर नवाचार, मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहायता को बढ़ावा देने पर बल दिया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जनपद स्तरीय अधिकारी निर्धारित समय पर जनसुनवाई करें तथा प्राप्त शिकायतों को अनिवार्य रूप से आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराया जाए। जिलाधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके अधीनस्थ अधिकारी भी जनसुनवाई हेतु नियत समय पर बैठें।
उन्होंने जिलाधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम 10 शिकायतों का फीडबैक प्राप्त करने, असंतोषजनक फीडबैक वाले प्रकरणों की विशेष समीक्षा करने तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, नियमों के विरुद्ध शिकायतों को स्पेशल क्लोज करने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय करने को कहा। सक्षम एवं योग्य अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाए। पोर्टल को संचालित करने वाले आपरेटर्स को सेंशटाइज किया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि शासन स्तर एवं जिला स्तर पर जनशिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग और निस्तारण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली का परीक्षण किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही आईजीआरएस पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। यह प्रणाली शिकायतों का सार प्रस्तुत करने तथा समाधान के विकल्प सुझाने में सहायक होगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि भूमि विवादों के प्रभावी समाधान हेतु 1 जून से 30 जून तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आईजीआरएस पोर्टल पर दिनांक 01 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 तक के उपलब्ध राजस्व भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों को पुनर्जीवित कर उनका निस्तारण करने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। पोर्टल पर ग्राम वार सूची उपलब्ध है। सूची का परीक्षण कर निस्तारण योग्य प्रकरणों को पुनर्जीवित कर उनका निस्तारण कराया जाए। इनमें से राजस्व न्यायालय में विचारधीन प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारित कराया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।