यूपी में होने वाले द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग) धर्मपाल सिंह,भी शामिल हैं.धर्मपाल सिंह एक प्रतिष्ठित भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो आंवला विधानसभा क्षेत्र, बरेली, उत्तर प्रदेश से पाँच बार विधानसभा सदस्य रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं। 15 जनवरी 1953 को बरेली जिले में जन्मे, उन्होंने एम.जे.पी. रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एल.एल.बी. और बी.एड. की डिग्रियां प्राप्त कीं। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में शुरू की और योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद तक पहुँचे।उन्होंने सिंचाई, श्रम, पंचायती राज और लोक निर्माण एवं पर्यटन सहित कई मंत्रालयी पदों पर सेवा की है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश सरकार में पशुपालन एवं डेयरी विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं।
उनका कार्य ग्रामीण विकास, सिंचाई बुनियादी ढांचे, डेयरी कृषि सशक्तिकरण और उत्तर प्रदेश भर में किसान समुदाय के उत्थान पर केंद्रित रहा है। धर्मपाल सिंह की राजनीतिक यात्रा करीब तीन दशक से ज्यादा समय में कई पड़ावों से गुजरी है. 1980 के दशक में अध्यापन और स्थानीय राजनीति से जुड़े रहने के बाद 1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचे. इसके बाद वह 2002, 2012, 2017 और 2022 में भी विधायक निर्वाचित हुए. अलग-अलग सरकारों में मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है.
1996 में पहली बार विधानसभा पहुंचे
धर्मपाल सिंह का सक्रिय राजनीतिक सफर 1996 में शुरू हुआ, जब वह सितंबर-अक्टूबर 1996 में पहली बार तेरहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. इसके बाद उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता लगातार बनाए रखी. विधायक बनने के कुछ ही समय बाद उन्हें राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी मिली. मार्च 1997 में धर्मपाल सिंह को मायावती के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाया गया. इस दौरान उनके पास लोक निर्माण एवं पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी रही. सितंबर 1997 में उन्होंने कल्याण सिंह, राम प्रकाश तथा राजनाथ सिंह के मंत्रिमंडल में भी राज्य मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. इस दौरान उन्हें पंचायती राज एवं श्रम विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया.
2002 में दूसरी बार विधायक बने
फरवरी 2002 में धर्मपाल सिंह दूसरी बार चौदहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. विधायक के तौर पर उनके इस कार्यकाल में उन्होंने विधानसभा की अलग-अलग समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं. वर्ष 2002-2003 में वह सरकारी आश्वासन संबंधी समिति के सदस्य रहे, जबकि 2003 से 2007 तक सार्वजनिक उपक्रम निगम समिति के सदस्य रहे. अक्टूबर 2002 में धर्मपाल सिंह को मायावती मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री, श्रम के स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद 2006-2007 में वह लोक लेखा समिति के सदस्य रहे. इस तरह विधानसभा में रहते हुए उन्होंने सरकार से जुड़े अलग-अलग विभागों और समितियों में काम किया.
2012 में तीसरी बार विधायक बने
मार्च 2012 में धर्मपाल सिंह तीसरी बार सोलहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. वर्ष 2012 से 2017 के बीच उन्होंने भाजपा विधानमंडल दल में उपनेता की जिम्मेदारी संभाली. यह उनके राजनीतिक सफर का वह दौर था, जब विधानसभा में उनकी भूमिका संगठन और पार्टी की राजनीति से भी जुड़ी रही.
2017 में चौथी बार जीत और योगी सरकार में मंत्री पद
मार्च 2017 में धर्मपाल सिंह चौथी बार सत्रहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए. इसी वर्ष योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली. मार्च 2017 में उन्हें सिंचाई एवं सिंचाई यांत्रिकी विभाग का मंत्री बनाया गया.
2022 में पांचवीं बार विधायक बने
धर्मपाल सिंह ने अपनी चुनावी पकड़ को आगे भी कायम रखा. मार्च 2022 में वह अट्ठारहवीं विधानसभा के लिए पांचवीं बार निर्वाचित हुए. इसके बाद योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में उन्हें एक बार फिर मंत्री की जिम्मेदारी मिली. वर्तमान में धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं. मार्च 2022 में उन्हें पशुधन एवं दुग्ध विकास के साथ राजनीतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज तथा नागरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई थी. वर्तमान में धर्मपाल उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री है
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी की लिस्ट में सामाजिक समीकरण का ध्यान रखा गया है. 3 ओबीसी, 2 दलित, 2 ब्राह्मण और 1 ठाकुर समुदाय के उम्मीदवार को मौंका मिला है. रेस में स्मृति ईरानी, कुमार विश्वास और हरदीप सिंह पुरी जैसे नेताओं का नाम चल रहा था. श्रुति गंगवार और प्रियंका सिंह रावत दो महिला उम्मीदवार शामिल हैं. श्रुति गंगवार पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं.