आजमगढ़ भीषण गर्मी से राहत लेकर आई बारिश ने आजमगढ़ नगर पालिका की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद आजमगढ़ मंडल आयुक्त कार्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। परिसर में जगह-जगह पानी भर जाने से कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और जनसुनवाई के लिए आने वाले आम नागरिकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आयुक्त कार्यालय के कैंपस में पानी लबालब भरा हुआ साफ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में यह समस्या हर वर्ष देखने को मिलती है। उनका कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण थोड़ी ही बारिश में सरकारी कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा विकास कार्यों और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। शहर के कई इलाकों में नालियां जाम हैं, जिसके चलते बारिश का पानी सड़कों और सार्वजनिक परिसरों में जमा हो जाता है।
गौरतलब है कि मंडल आयुक्त विवेक कुमार प्रतिदिन अपने कार्यालय में जनसुनवाई करते हैं और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा भी करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिसर में जलभराव की स्थिति न केवल लोगों की परेशानी बढ़ाती है, बल्कि संबंधित विभागों की तैयारियों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।
बारिश के बाद परिसर में जमा पानी के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। कई कर्मचारियों को पानी के बीच होकर कार्यालय पहुंचना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और नगर पालिका पर टिकी हैं। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि बारिश के मौसम में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल, यह घटना शहर की जल निकासी व्यवस्था और नगर पालिका की तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं और लोगों को कब तक राहत मिलती है।



