Breaking हमीरपुर

Hamirpur : मृत 904 लोगों के खातों में जाती रही वृद्धावस्था पेंशन, सत्यापन में 27 लाख रुपये का मामला उजागर..

हमीरपुर ( राम सिंह राजपूत ,संवाददाता ):जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना के विशेष सत्यापन अभियान के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में 904 ऐसे लाभार्थी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनके बैंक खातों में लगातार वृद्धावस्था पेंशन की राशि भेजी जा रही थी। जांच में मृत लाभार्थियों के खातों में करीब 27 लाख रुपये स्थानांतरित होने की पुष्टि हुई है। अब इस सरकारी धनराशि को वापस शासन के खाते में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में 53,943 बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पात्र एवं अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए पिछले दो माह तक विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने गांव-गांव जाकर लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान 904 ऐसे पेंशनधारकों की पहचान हुई, जिनका निधन हो चुका था, लेकिन उनके खातों में पेंशन की किस्तें लगातार भेजी जाती रहीं।अधिकारियों के मुताबिक कई मामलों में लाभार्थियों की मृत्यु की सूचना समय पर समाज कल्याण विभाग और संबंधित बैंकों तक नहीं पहुंची। इसी कारण पेंशन भुगतान की प्रक्रिया जारी रही। सत्यापन रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी मृत लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। समाज कल्याण विभाग ने मृत लाभार्थियों के खातों में जमा लगभग 27 लाख रुपये शासन के खाते में वापस जमा कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए सभी 904 मृत पेंशनधारकों के नाम, पते और बैंक खातों का विवरण संबंधित बैंकों को भेज दिया गया है। बैंक नियमानुसार खातों की जांच कर धनराशि वापस कराने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन योजना में किसी प्रकार की नॉमिनी व्यवस्था नहीं है। पेंशन का लाभ केवल जीवित एवं पात्र लाभार्थी को ही दिया जा सकता है। लाभार्थी के जीवित होने का सत्यापन अनिवार्य होता है। इसलिए मृत लाभार्थियों के खातों में जमा राशि शासन की संपत्ति मानी जाएगी और उसे सरकारी खाते में वापस कराया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए लाभार्थियों का नियमित सत्यापन, मृत्यु संबंधी सूचनाओं का समय पर अद्यतन तथा विभागीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।