Breaking उत्तर प्रदेश लखनऊ

यूपी का पहला मामला: को-वैक्सीन लगवाने के बावजूद कोरोना संक्रमित हो गया सिविल अस्पताल का डॉक्टर

लखनऊ में को-वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी सिविल अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. नितिन मिश्रा पॉजिटिव हो गए। प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला सामने आया है।

इमरजेंसी में ड्यूटी करने वाले डॉ. नितिन को करीब तीन दिन पहले जुकाम के साथ हल्का बुखार आया। इस पर उन्होंने कोरोना की जांच के लिए केजीएमयू सैंपल भेजवाया। सोमवार दोपहर रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर हड़कंप मच गया। डॉक्टर ने वैक्सीन की पहली डोज 15 फरवरी और दूसरी डोज 16 मार्च को ली थी।

गौरतलब है कि दूसरी डोज के 21 दिन बाद एंटीबॉडी बनना शुरू होती है। सीएमएस डॉ. एसके नंदा के मुताबिक, ईएमओ 18 मार्च से अवकाश पर थे। 17 मार्च को उन्होंने ड्यूटी की गई थी। इस दौरान उनके संपर्क में आए स्टाफ व मरीजों की जांच कराई जाएगी।

बता दें कि देश और प्रदेश में इन दिनों कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही लोगों को वैक्सीन भी दी जा रही है। इसी दौरान वैक्सीन देने पर भी डॉक्टर के संक्रमित होने से गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर भी ये सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद संक्रमण नहीं होगा या फिर वैक्सीन संक्रमण रोकने में कारगर है भी या नहीं।

दूसरी तरफ, प्रदेश में संक्रमितों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए कोविड अस्पतालों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इनमें संक्रमितों को दी जाने वाली रेमेडिसिविर समेत अन्य जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी में कोरोना के 542 नए मामले, अब तक 8,760 लोगों की हो चुकी है मौत

चिकित्सक व स्टाफ की पांच-पांच अतिरिक्त टीमें रिजर्व की गई हैं। रुटीन में भी टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में लेवल-थ्री के 15, लेवल-टू के 68 अस्पताल चल रहे हैं। नए कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने को लेकर पहले से चल रहे अस्पतालों में बेड व संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। वेंटिलेटर सहित अन्य ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम दुरुस्त कर लिया गया है।