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राजधानी में बनेंगी स्पीकिंग सड़कें, हर वाहन को करेंगी सावधान, इस तरह होगा काम, बुलेट ट्रेन के लिए भी काम शुरू

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में स्विटजरलैंड की तर्ज पर ‘स्पीकिंग रोड’ बनाई जाएंगी। सड़क हादसों को कम करने की कवायद से यह प्लान बनाया गया है। इसके लिए भीड़ भाड़ वाले इलाकों के शहर के 10 सड़क मार्गों को चिन्हित किया गया है। सड़कों का नाम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है।

यूपी के लखनऊ शहर में बीते साल सबसे ज्यादा सड़क हादसे हुए। इन हादसों को रोकने के लिए पीडब्लूडी, नगर निगम और यातायात विभाग संयुक्त रूप से काम करेगा। जिन सड़कों पर काम होगा वहां वाहन के प्रकार के हिसाब से लेन बनेगा। हर लेन में वाहनों की रफ्तार तय होगी। सड़क पर दाएं बाएं मुड़ने के साथ स्टॉप लिखा होगा। इसके अलावा रोड सेफ्टी के स्लोगन भी लिखें होंगे जिससे कि दिशा की जानकारी न होने पर लोग भटक न जाएं।

लखनऊ में 25 किमी अंडरग्राउंड गुजरेगी बुलेट ट्रेन

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन ने बुलेट ट्रेन (bullet train) के लिए राजधानी लखनऊ की अंडरग्राउंड सर्विसेज को चिन्हित कर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी है। नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन ने इसका सर्वे शुरू करा दिया है। यह बुलेट ट्रेन लखनऊ से भी होकर जाएगी। लखनऊ में 25 किमी अंडरग्राउंड होकर बुलेट ट्रेन गुजरेगी। लिहाजा यहां भी सर्वे का काम शुरू हो गया है। लखनऊ में बुलेट ट्रेन आगरा एक्सप्रेस वे से होकर चलेगी। कानपुर रोड अवध चौराहे, एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड, सीजी सिटी, गोमतीनगर से फैज़ाबाद रोड होते हुए अयोध्या तक जाएगी।

कॉरिडोर के होंगे दो रूट

इस कॉरिडोर दो रास्तों से होकर गुजरेगा। लखनऊ से बुलेट ट्रेन का एक कॉरिडोर प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगा।इन दोनों के रास्ते में एलडीए व आवास विकास की कई कॉलोनियां आ रही हैं। इन कॉलोनियों में तमाम सेवाएं भूमिगत हैं जैसे सीवर लाइन, वाटर लाइन, बिजली की केबल, ड्रेनेज। इन सभी सेवाओं को बुलेट ट्रेन के लिए शिफ्ट करने का कार्य होगा। करीब 70 से ज्यादा स्थानों पर भूमिगत सर्विसेज को इसके लिए शिफ्ट करना होगा। शिफ्टिंग के लिए नई जगह तलाशी जा रही है।