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कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष की रिहाई पर खुशियां मनाई।

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार को जगाने के लिए दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करने व सांसद आवास का घेराव करने के लिए कोंग्रेस पार्टी के जिलाअध्यक्ष अखिलेश यादव अपने सैंकड़ों साथियों के साथ संसद के आवास पर पहुंचे।कांग्रेसियों द्वारा सांसद आवास घेरों कार्यक्रम की जानकारी पहले से ही अयोध्या प्रशासन को थी। और प्रशासन ने कड़ी नाकेबंदी कर रखी थी अयोध्या पुलिस व प्रशासन मुस्तैद था। सबसे पहले संसद आवास पर अनुसूचित जात जिलाध्यक्ष राम सागर रावत सरकार विरोधी नारी जैसे ही लगाएं। अयोध्या पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया था। घटनाक्रम के कुछ ही देर बाद कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने कार्यकर्तओं के साथ अपनी रणनीति के तहत संसद आवास का घेराव करने व सरकार नीतियों का विरोध करने पहुचे थे।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुये कहा कि पुलिस ने उडण्डता का परिचय देते हुए उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया था और जिला अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को उनके समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज कर बैठाया गया था।और शाम 7 बजे अनुसूचित जति के जिला अध्यक्ष राम सागर रावत और अन्य कांग्रेसियों को रिहा कर अखिलेश यादव और चार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को 14दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।वही प्रशासन पर आरोप लागते हुए कहा कि दूसरे दिन कहां कागजात प्रस्तुत कर रिहाई की मांग किया।रिहाई ने होने से तिलमिलाए कांग्रेसियों ने गुरुवार को गांधी पार्क में रात 9:00 बजे तक अनशन पर बैठे रहे जिस के क्रम में जिलाधिकारी प्रतिनिधि के आश्वासन पर अंशन समाप्त किया। जिलाध्यक्ष की रिहाई की मानगो को लेकर शुक्रवार को सुबह से ही कांग्रेश कार्यालय पर कार्यकर्ता एकत्रित होने लगे। उसके बाद जेल प्रशासन से खबर आई की अखिलेश यादव की रिहाई साथियों सहित मंजूर हो गई है।और शाम को जिलाध्यक्ष और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रिहाई मिली इस पर सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माला पहना कर स्वागत किया।और सिविल लाइन के प्रमुख चौराहे होते हुए कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और कमला नेहरू भवन पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने चारों कार्यकर्ताओं का 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया।