बरेली

बरेली के आयुष ने पूरी दुनिया मे देश का नाम रोशन किया है, आयुष ने अफ्रीका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर किलिमंजारो पर तिरंगा फहराया , लॉक डाउन के बाद आयुष पहले भारतीय हैं जो किलिमंजारो पर फतेह हासिल की है

अफ्रीका के ग्लेशियर में ज्वालामुखी पर्वत की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने वाला ये युवा बरेली का आयुष है, माइनस 25 डिग्री तापमान पर किलिमंजारो पर्वत पर तिरंगे को लहराकर आयुष ने देश का नाम रोशन किया है, ऐसा करने में आयुष को लगभग साढ़े चार दिन का समय लगा, आयुष के मुताबिक अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए वो 24 घंटे में से सिर्फ 3 से चार घंटे ही सोते थे, बर्फीला रास्ता और जानलेबा सर्द हवा से जूझते हुए आयुष ने लक्ष्य को प्राप्त किया,किलिमंजारो पर्वत की ऊँचाई 5895 मीटर है, मतलव 19340 फीट…

आयुष ने देश के सबसे कम उम्र में स्टॉक कांगड़ी शिखर पर चढ़ाई करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है, जिसके लिए गिनीज बुक ने भी इनको जगह दी है, आयुष के मुताबिक इस कारनामे को करने के लिए उनको तीन माह तक कठिन परिश्रम करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने ये कारनामा कर दिखाया है, किलिमंजारो पर फतेह करने के बाद अफ्रीका सरकार की तरफ से उनको सराहना पत्र भी हासिल हुआ है, इतना ही नही वहां जाकर उन्होंने देश के लिए वंदे मातरम के नारे भी लगाए, उनके इस कारनामे से उनके परिवार में खुशी की माहौल बना हुआ है, आयुष ने 5 दिसंबर को ये कारनामा कर दिखाया और इस समय अपने घर बरेली आये हुए है।

आयुष के घर पर अभी लोगो की बधाइयों देने का तांता लगा हुआ है, आयुष भी इससे खुश है और अब वो पश्चिम बंगाल के सत्यरूपा सिद्धांता के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं जिन्होंने 35 वर्ष की आयु में दुनिया की सात सबसे ऊंची ज्वालामुखी पर्वत को फतह किया है, आयुष इस रिकॉर्ड को अपने नाम करना चाहते है साथ ही पर्वतारोहण में दुनिया मे देश का नाम सबसे ऊंचा करना इनका सपना है।