Breaking उत्तर प्रदेश लखनऊ

गोरखपुर पूर्वांचल में सब्जियों और फलों के खेती की अपार संभावनाएं सूर्य प्रताप शाही

उत्‍तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पूर्वांचल में सब्जियों और फलों की खेती की अपार संभावनाएं हैं. उन्‍होंने कहा कि इन अपार संभावनाओं को विस्‍तार दिया जाना बहुत ही आवश्‍यक है. सब्‍जी उत्‍पादन से किसान की आय तीव्रता से आगे की ओर बढ़ती है. क्‍योंकि उसकी समयावधि कम होती है. कम समय के भीतर अधिक सब्‍जी तैयार होती है. खद्यान फसलों में ज्‍यादा समय लेती है. खाद्यान की तुलना में सब्जियों के माध्‍यम से अच्‍छी कीमतें सब्जियों के माध्‍यम से मिलती है.

 

दीनदयाल उपाध्‍याय गोरखपुर विश्‍वविद्यालय के दीक्षा भवन में “पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा” विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी के दूसरे दिन उन्‍होंने प्रथम सत्र में ये बातें कहीं. शुक्रवार की सुबह नौ बजे से आयोजित सत्र में उन्‍होंने कहा कि पूर्वांचल के सतत विकास के मुद्दे पर आयोजित इस संगोष्‍ठी में आज पूर्वांचल के किसानों का किस तरह से विकास हो सके. उनके जीवन स्‍तर में किस तरह से सुधार हो सके.

 

इन सब मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का ये संकल्‍प है कि 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना किया जाए. इस संकल्‍प को पूरा किए जाने में कृषि क्षेत्र के साथ पशुपालन, मत्‍स्‍य पालन, मधुमक्‍खी पालन, फूलों और औषधीय खेती का उत्‍पादन, जैविक खेती जैसे विषय महत्‍वपूर्ण हैं. ऐसे महत्‍वपूर्ण विषयों पर चर्चा करके रणनीति तैयार की जा रही है. जिसका क्रियान्‍वयन आने वाले भविष्‍य में होगा.

 

सूर्य प्रताप शाही ने अपने संबोधन में कहा कि आज के इस सत्र में बागवानी विकास की संभावनाएं क्‍या हो सकती हैं. इसके माध्‍यम से पूर्वांचल के विकास को कैसे गति दी जा सकती हैं. इस पर चर्चा करने का यहां अवसर मिला है. उन्‍होंने कहा कि हार्टिकल्‍चर सेक्‍टर एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण है. हार्टिकल्‍चर सेक्‍टर से तीन गुना 15 से लेकर 17 फीसदी के करीब में है. जो इन्‍वेस्‍टमेंट होता है. फूड ट्रेड में लगभग 6 का समय लगता है. हार्टिकल्‍चर सेक्‍टर में ढाई से तीन महीने में आमदनी की शुरुआत हो जाती है. उन्‍होंने कहा कि हार्टिकल्‍चर सेक्‍टर में अपार संभावनाएं हैं. उन्‍होंने कहा कि यही वजह है कि बार-बार उन्‍होंने इस बात पर बल दिया है कि सब्‍जी और फलों की खेती करें. पूर्वी यूपी की समस्‍या ये है कि उत्‍तर प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था में कृषि क्षेत्र का योगदान 26 फीसदी के करीब है. उन्‍होंने कहा कि ये जो समस्‍या है. कई लोगों को लगता होगा कि हमारा कृषि का योगदान बहुत अच्‍छा है. कृषि में रोजगार का अवसर 80 फीसदी से घटकर 49 प्रतिशत आ गया है.

 

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उनका ये मानना है कि कृषि पर से बोझ हटना चाहिए. तभी जाकर कृषि समृद्धशाली हो सकती है. उन्‍होंने कहा कि जब भी अर्थशास्‍त्री बोलते हैं तो कृषि क्षेत्र को कमतर इसलिए आंकते हैं, क्‍योंकि इसकी भूमिका कम होती जा रही है. पहली पंचवर्षीय योजना के दौर में 1950 में 600 मीट्रिक टन खाद्यान होता था. आज छह गुना आबादी बढ़ गई. लेकिन, देश खाद्यान के मामले में आत्‍मनिर्भर हो रहा है. कुपोषण के शिकार हम इसलिए हुए, क्‍योंकि हमारे देश के भीतर गरीबी थी. जो हमारा पूर्वी यूपी है, यहां सबसे अधिक गरीबी थी. पूर्वांचल के और इलाकों समेत बिहार का जो हिस्‍सा है, गरीबी का कारण बना.

 

उन्‍होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि हमारे यहां पापुलेशन अधिक रही है. यहां की जमीन उपजाऊ थी. यहां की जलवायु अनुकूल थी. यहां आसानी से खेती की जा सकती थी. इसलिए पूरी जनसंख्‍या यहां पर सिकुड़कर रह गई. इसलिए यहां की कठिनाईयां सबसे अधिक हैं. उन कठिनाइयों का हमें निवारण करना है. अपने राज्‍य के भीतर हमारी औसत ग्रोथ 0.76 हेक्‍टेयर के करीब है. पूर्वांचल में आकर वो घटकर 0.59 हेक्‍टेयर हो जाती है. हमारे किसानों के पास जितनी भूमि है. उसका हम कितना अधिक उपयोग कर सकें. इस पर हमें विचार करना होगा. तभी हम प्राथमिक क्षेत्र को ऊपर उठा सकते हैं.

 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कृषि क्षेत्र के लिए आत्‍म निर्भर भारत योजना के अंतर्गत 1 लाख करोड़ रूपए एग्रीकल्‍चर इंफ्रास्‍टक्‍चर फण्‍ड पूरे देश के लिए उन्‍होंने रखा है. उसमें उत्‍तर प्रदेश और पूर्वी यूपी जितना लाभ उठा सकता है इस सेमिनार के माध्‍यम से हमें समझना होगा. हम किसानों के उत्‍पाद को बढ़ाने के साथ किस तरह से उसके लिए बाजार तैयार कर सकें. यही वजह है कि किसान बिल के माध्‍यम से इसमें संशोधन किए गए हैं. ये तीनों संशोधन बहुत महत्‍वपूर्ण हैं. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने जो निर्णय लिया है. दशकों से इस बात की मांग होती रही है कि बाजार को खुला किया जाना चाहिए. आज किसान अपने उत्‍पाद को तय एमएसपी पर बेच सकता है. उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश का किसान अब पलानय नहीं करेगा. उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने संकल्‍प लिया है. हम उसे पूरा करेंगे.